पटना न्यूज डेस्क: पटना यूनिवर्सिटी में 30 मार्च को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में हुए हंगामे के बाद छात्र संघ अध्यक्ष शांतनु शेखर समेत छह छात्रों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई थी। घटना के बाद से सभी आरोपी फरार बताए जा रहे थे, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
इसी बीच शांतनु शेखर ने एक वीडियो जारी कर प्रशासन को खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन यह सोचता है कि एसआईटी या आईबी की मदद से उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा या उनका एनकाउंटर करवा दिया जाएगा, तो वे इसके लिए भी तैयार हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि वे छात्रों के अधिकारों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और किसी से डरने वाले नहीं हैं।
शांतनु ने सरकार पर आरोप लगाया कि छात्रों की जायज मांगों को दबाने के लिए दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका मकसद सिर्फ छात्रों की आवाज उठाना है। साथ ही उन्होंने उपमुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि वे यूनिवर्सिटी को किसी राजनीतिक संगठन का केंद्र नहीं बनने देंगे।
उन्होंने घोषणा की कि 9 अप्रैल को NSUI स्थापना दिवस के मौके पर वे अदालत में आत्मसमर्पण करेंगे। उन्होंने सरकार से मांग की कि निर्दोष छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। गौरतलब है कि कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने ‘गो बैक’ के नारे लगाए थे और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की घटना भी सामने आई थी, जिसके बाद यह पूरा मामला तूल पकड़ गया।